Connect with us

Hi, what are you looking for?

रोचक जानकारी

अल्ट्रासाउंड के दौरान भ्रूण की पोजिशन देख रहे थे, तभी दिखा विचित्र नजारा, डॉक्टर्स को भी नहीं हुआ यकीन

गर्भ के अंदर बच्चे के हाव-भाव को देखने के बाद वैज्ञानिकों ने गर्भ में पल रहे बच्चे को कंपन और ध्वनि का अनुकरण दिया। जैसे ही बच्चे को गर्भ के अंदर कंपन महसूस हुआ, उसने पहले अपने जबड़े खोले, फिर अपने हाथों से ठुड्डी को छुआ और तीन लंबी सांसें लीं, उसके बाद बच्चे की छाती फैलने लगी और सिर पीछे की ओर लुढ़कने लगा।

खबर शेयर करें

नई दिल्ली: जब कोई महिला गर्भवती(pregnant) होती है तो तीसरे या चौथे महीने के बाद उसे अपने गर्भ में हलचल महसूस होती है। कई बार जब किसी गर्भवती महिला के पेट में अचानक दर्द होता है तो कहा जाता है कि बच्चा लात मार रहा है या पलट रहा है। गर्भ में बच्चे का पलटना, हिलना-डुलना बाकी सब तो ठीक है, लेकिन क्या गर्भ में भी बच्चा रोता है? वैज्ञानिकों का दावा है कि पेट के अंदर पल रहा बच्चा बाहर आने से पहले ही अपनी तैयारी शुरू कर देता है। वैज्ञानिकों(Scientists) ने गर्भाशय और भ्रूण की जांच के बाद यह दावा किया है। आर्काइव्स ऑफ डिजीज इन चाइल्डहुड एंड नियोनेटल एडिशन जर्नल(Archives of Disease in Childhood and Neonatal Editions journal) 2005 में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, वैज्ञानिकों ने अजन्मे बच्चे की उपस्थिति का अल्ट्रासाउंड(ultrasound) किया। अल्ट्रासाउंड के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि बच्चा गर्भ के अंदर इस तरह के चेहरे के भाव दे रहा था, मानो वहीं हो।

गर्भ के अंदर बच्चे के हाव-भाव को देखने के बाद वैज्ञानिकों ने गर्भ में पल रहे बच्चे को कंपन और ध्वनि का अनुकरण दिया। जैसे ही बच्चे को गर्भ के अंदर कंपन महसूस हुआ, उसने पहले अपने जबड़े खोले, फिर अपने हाथों से ठुड्डी को छुआ और तीन लंबी सांसें लीं, उसके बाद बच्चे की छाती फैलने लगी और सिर पीछे की ओर लुढ़कने लगा। अंत में बच्चे की ठुड्डी पर झटके महसूस किए गए। डॉक्टरों ने करीब 60 बच्चों का स्कैन किया था, जिनमें से 10 बच्चों ने ऐसी हरकत की।

वैज्ञानिकों का कहना है कि कोई भी बच्चा रोने पर ऐसी हरकत करता है। वहीं, इंग्लैंड के डरहम विश्वविद्यालय के विकासात्मक मनोवैज्ञानिक नादजा रिसलैंड के शोधकर्ताओं ने इस मामले का अध्ययन करते हुए अजन्मे बच्चे की गति की 4डी अल्ट्रासाउंड इमेजिंग की। थ्रीडी फिल्म भी बनाई। ताकि चेहरे पर हो रहे बदलाव को देखा जा सके।

इस स्टडी में उन्होंने देखा कि बच्चे गर्भ के अंदर रोने जैसे भाव देते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि 24 से 35 सप्ताह में अजन्मे बच्चे के चेहरे पर इस तरह के भाव आने लगते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि बच्चा पैदा होने से पहले ही रोने का अभ्यास शुरू कर देता है।

यह भी पढें-जानें कौन हैं विकास दिव्यकीर्ति और यूपीएससी उम्मीदवार उन्हें क्यों करते हैं इतना पसंद?

खबर शेयर करें
Click to comment

Leave a Reply

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Copyright ©2020- Aankhon Dekhi News Digital media Limited. ताजा खबरों के लिए लोगो पर क्लिक करके पेज काे रिफ्रेश करें और सब्सक्राइब करें।

%d bloggers like this: