Connect with us

Hi, what are you looking for?

रोचक जानकारी

Court martial: क्या आप जानते हैं क्या होता है कोर्ट मार्शल‚ कैसी होती है आर्मी की सजा

इसका मतलब यह नही है कि सेना में तैनात लोगों को अपराध की सजा नही दी जाती है‚ बल्कि सेना कर्मचारियों को सिविल लोगों से ज्यादा कड़ी सजा दी जाती है।

खबर शेयर करें
सांकेतिक चित्र‚ साभार सोशल मीडिया


हमारे देश में अपराध या जुर्म करने पर आम लोगों के लिए सजा देने का अधिकार सिविल कोर्ट या हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट को होता है। लेकिन सेना पर यह नियम लागू नही हाेता है। हालांकि इसका मतलब यह नही है कि सेना में तैनात लोगों को अपराध की सजा नही दी जाती है‚ बल्कि सेना कर्मचारियों को सिविल लोगों से ज्यादा कड़ी सजा दी जाती है। लेकिन ये सजा बाहरी अदालत में नही सेना के अंदर ही दी जाती है। इसी को कोर्ट मार्शल कहा जाता है। यानि मिल्ट्री कोर्ट में होने वाली सुनवाई को ही कोर्ट मार्शल कहा जाता है। यह एक प्रकार की सिविल कोर्ट की तरह ही काम करती है। इस कोर्ट को छोटी सजा से लेकर फांसी देने का अधिकार होता है।

कोर्ट मार्शल

मिलिट्री कोर्ट द्वारा सैनिक को सजा देने की प्रक्रिया को ही कोर्ट मार्शल कहते हैं। आसान भाषा में यह कोर्ट केवल खास आर्मी कर्मचारियों के लिए होती है। आर्मी में अनुशासन तोड़ने या अन्य अपराध करने वाले सैन्य कर्मचारी‚ अधिकारियों पर केस चलाकर सजा देना होता है। न्याय की यह कार्य प्रणाली एक ट्रायल मिलिट्री लॉ के तहत होता है‚ जिसमें 70 प्रकार के अपराधों की सजा का प्रावधान है।

यह भी पढ़ें- Police करती है मारपीट‚ तो क्या आप भी उठा सकते हैं हाथ‚ जानिए क्या कहता है कानून

आपको बता दे हैं अभी तक भारतीय सेना में ब्रिटिश राज के द्वारा बनाई गई न्याय प्रणाली ही लागू है। मुख्यत: अनुशासन बढ़ाने की वजह से ही मिलिट्री कोर्ट की स्थापना की गई थी और तीनों सेनाओं के कमांडेंट को यह अधिकार दिया गया था कि यदि कोई अनुशासन तोड़ता है तो उसको दंड दे सके। आमतौर पर सेना में सिविल लोगों से ज्यादा कड़ी सजा दी जाती है। इसकी वजह यह है कि सेना पर देश को सबसे ज्यादा भरोसा होता है। ऐसे में अगर सैन्य कर्मचारी या अधिकारी अपराध करे तो उसे बेहद गंभीर माना जाता है।

इन अपराधों के लिए हाेता है कोर्ट मार्शल

कोर्ट मार्शल अधिकतर उन सैनिक या सैन्य अधिकारियों का होता है जो गंभीर अपराध करते हैं। जैसे देश के साथ गद्दारी‚ हत्या‚ लूटपाट या देश की गोपनीयता भंग करना आदि। इसके अलावा उच्च अधिकारी के आदेश का पालन ना करने पर भी सैन्य सैन्य अधिकारी को दंड के रूप में कोर्ट मार्शल कर दिया जाता है। सजा के रूप मे कार्य सेवा से तत्काल प्रभाव से निष्कासित व कठोर कारावास या मृत्यु दंड भी मिल सकता है।

यह भी पढ़ें- क्या आपको पता है ARMY का पूरा नाम

खबर शेयर करें
Click to comment

Leave a Reply

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Copyright ©2020- Aankhon Dekhi News Digital media Limited. ताजा खबरों के लिए लोगो पर क्लिक करके पेज काे रिफ्रेश करें और सब्सक्राइब करें।

%d bloggers like this: