Connect with us

Hi, what are you looking for?

रोचक जानकारी

एक युद्ध ऐसा भी: तरबूज के लिए दो रियासतों के बीच हुआ था युद्ध, हज़ारों सैनिको की हुई थी मौत

भारतीय इतिहास में यह अकेला ऐसा युद्ध है जो किसी फल के कारण हुआ था।
जिसमे हज़ारों सैनिक मारे गए थे।

खबर शेयर करें

Manoj kumar

युद्ध का सांकेतिक चित्र

आमतौर पर राजाओं के बीच ज्यादातर युद्ध अपने राज्य का विस्तार करने, और मान सम्मान के लिए होते थे। लेकिन क्या आपको पता है हमारे इतिहास में एक युद्ध तरबूज के लिए भी लड़ा गया था। जिसमे हज़ारों सैनिकों की जान गई थी। 1644 ईस्वी में हुए इस युद्ध को नाम दिया गया था ‘मतीरे की रॉड’। (दरअसल, राजस्थान के कुछ हिस्सों में तरबूज को मतीरा कहा जाता है और राड़ का मतलब झगड़ा होता है।)

तरबूज

बताया जाता है कि बीकानेर रियासत का आखिर गांव सीलवा में एक मतीरे (तरबूज) की बेल लगी हुई थी, लेकिन उसका तरबूज नागौर रियासत के गांव जाखणियां में उगा। (दरअसल ये दोनों दोनों गांव अपने-अपने रियासतों की आखिरी सीमा पर मौजूद थे)  जिस कारण सीलवा गांव (बीकानेर रियासत) के लोगों का कहना था कि ये बेल उनके गांव में उगी है इसलिए ये फल उनका है, लेकिन नागौर रियासत के लोगों का कहना था कि फल उनके गांव की सीमा पर लगा है इसलिए इस फल पर उनका अधिकार है।

बस इस बात को लेकर दोनों गांवो के लोगो मे संघर्ष हो गया। यह संघर्ष धीरे-धीरे दोनो रियासतों के बीच खूनी लड़ाई में तब्दील हो गया। इस युद्ध में बीकानेर सेना की अगुवाई रामचंद्र मुखिया ने की जबकि नागौर सेना की अगुवाई सिंघवी सुखमल ने की। लेकिन हैरानी की बात यह है कि दोनों रियासतों के राजाओं को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

जब इस युद्ध के बारे में दोनों राजाओं के पता चला तो उन्होंने मुगलों के दरबार से हस्तक्षेप करने की मांग की। लेकिन मुगल दरबार को इस युद्ध के बारे में दोनो रियासत के राजाओं से पहले ही पता चल गया था। इस युद्ध मे नागौर रियासत की हार हुई और बीकानेर रियासत की जीत हुई। कहते हैं कि इसमें दोनों तरफ से हजारों सैनिक मारे गए। कहा जाता है कि भारतीय इतिहास में यह अकेला ऐसा युद्ध है जो किसी फल के कारण हुआ था।

खबर शेयर करें
Click to comment

Leave a Reply

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Copyright ©2020- Aankhon Dekhi News Digital media Limited. ताजा खबरों के लिए लोगो पर क्लिक करके पेज काे रिफ्रेश करें और सब्सक्राइब करें।

%d bloggers like this: