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भारतीय निर्वाचन आयोग की वेबसाइट हैक: बना डाले 10 हज़ार फर्जी वोटर कार्ड

दरअसल, दिल्ली से जांच एजेंसियों ने सहारनपुर पुलिस को सूचना दी कि सहारनपुर के रहने वाले युवक ने भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट हैक कर ली है। जिसके बाद फर्जी तरीके से वोटर आईडी कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसके बाद देर रात को पुलिस टीम नकुड़ क्षेत्र के मच्छरहेड़ी गांव से विपुल सैनी पुत्र रामकुमार सैनी को गिरफ्तार कर लिया है। 

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Author: सलीम फारूकी

सांकेतिक चित्र

भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट को हैक कर फर्जी तरीके से वोटर आईडी कार्ड बनाये गए। जांच एजेंसियों ने पड़ताल की तो पता चला की सहारनपुर के नकुड़ क्षेत्र निवासी एक युवक ने वेबसाइट को हैक किया है। देर रात को ही सहारनपुर पुलिस ने आरोपी युवक विपुल सैनी को हिरासत में लिया है। उसके बैंक खाते में 60 लाख रुपये पाये गए। इसकी पड़ताल की जा रही है।

आरोपी विपुल सैनी

एसएसपी ने बताया

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस. चन्नपा ने पूरी जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी विपुल सैनी ने सहरानपुर के नकुड़ इलाके में अपनी कंप्यूटर की दुकान खोल रखी थी। वेबसाइट में उसी पासवर्ड के जरिये लॉगइन करता था, जिसका इस्तेमाल आयोग के अधिकारी करते थे। आयोग को कुछ गड़बड़ी का अंदेशा हुआ और जांच एजेंसियों को इसकी जानकारी दी। वहीं एजेंसियों की जांच के दौरान विपुल सैनी शक के दायरे में आया था। जांच में विपुल सैनी के बैंक खाते में 60 लाख रुपये पाए गए, जिसके बाद खाते से लेनदेन पर तत्काल रोक लगा दी गई है। खाते में इतनी रकम कहां से आई, इसकी जांच की जाएगी। 

3 महीने में बना डाले 10 हज़ार फर्जी मतदाता पहचान पत्र

भारतीय निर्वाचन आयोग की वेबसाइट में सेंध लगाने के मामले में मास्टरमाइंड अरमान मलिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अरमान मलिक के अलावा आदित्य और नितिन को भी गिरफ्तार किया गया है। अरमान मलिक मध्य प्रदेश के हरदा का रहने वाला है और निर्वाचन आयोग में डाटा ऑपरेटर के रूप में कार्य कर चुका है। उसी ने विपुल सैनी को लॉगिन और पासवर्ड बताया था, जिसके जरिये विपुल सैनी मतदाता पहचान पत्र बना रहा था। बीते तीन महीने में वह 10 हजार से ज्यादा पहचान पत्र बना चुका है। 

निर्वाचन आयोग ने बताया, डाटाबेस है सुरक्षित 

निर्वाचन आयोग के एक प्रवक्ता ने दिल्ली में कहा कि सहायक मतदाता सूची अधिकारी (एईआरओ) कार्यालय के एक डाटा एंट्री ऑपरेटर ने अवैध रूप से अपना आईडी एवं पासवर्ड सहारनपुर के नकुड़ में एक निजी अनधिकृत सेवा प्रदाता को दी, ताकि वह कुछ वोटर कार्ड छाप सके। प्रवक्ता ने कहा, दोनों व्यक्ति गिरफ्तार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का डाटाबेस पूरी तरह सुरक्षित है।

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