UP: मारपीट में मामले में धारा हटाने के नाम पर 5 हजार की रिश्वत लेता हुआ दरोगा गिरफ्तार

UP News: संभल जिले की गुन्नौर तहसली में जुनावई के दौरान पांच हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए एक दरोगा को एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दरोगा ने मुकदमे से धारा 452 हटाने की एवज में पीड़ित से पांच हजार रूपए की मांग थी।
पकड़ा गया दरोगा
थाना क्षेत्र के गांव डदूमरा निवासी सत्य प्रकाश पुत्र राजपाल (उम्र 30) ने सब इस्पेक्टर पर रिश्वत मांगने को लेकर एटी करप्शन टीम मुरादाबाद को बीते दिन शिकायत दर्ज कराई थी। जिसको लेकर बुधवार को जुनावई में स्थित एक दुकान के सामने पीडित सत्य प्रकाश एंटी करप्शन टीम के साथ रुपए लेकर पहुंच गया। एंटी करप्शन टीम में शामिल प्रभारी विजय सिंह, इस्पेक्टर राखी चौधरी, व सतीश कश्यप ने टीम के साथ मिलकर 5000 लेते हुए दरोगा धर्मेद्र कुमार तोमर को रंगे हाथ धर दबोच लिया। इसके बाद गुन्नौर कोतवाली लाकर मुकदमा दर्ज करवाया। पीड़ित ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन मुख्यालय मुरादाबाद में की एंटी करप्शन विभाग से की थी।  मिली जानकारी के अनुसार 31 दिसंबर को वादी देवेंद्र पुत्र चंद्रकेश के जरिए गांव डदूबरा थाना जुनावई में सत्य प्रकाश पुत्र राजपाल समेत चार लोगों पर मुकदमा लिखा गया था। इस मामले में दरोगा धर्मेंद्र कुमार तोमर मुकदमे की विवेचना कर रहा था। यह भी पढ़ें- विजिलेंस टीम को देखकर रिश्वत के 4 हजार रूपए निगल गया दरोगा‚ टीम ने उल्टी कराकर किया गिरफ्तार दरोगा ने पीडित सत्यप्रकाश से 5000 रुपए की डिमांड की थी जिसकी शिकायत उसने एंटी करप्शन टीम मुरादाबाद के लिए शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित सत्य प्रकाश ने बताया कि गांव के ही धर्मेंद्र पुत्र चंद्रकेश 31 दिसंबर को मारपीट समेत गाली गलौज हो गई थी। जिसको लेकर गांव निवासी देवेंद्र पुत्र चंद्रकेश ने मुझे और मेरे परिवार सहित चार लोगों के खिलाफ जुनाबई थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करवाया था। जिसमें उसी दिन गांव के सम्मानित लोगों के द्वारा फैसला नामा भी कराया गया लेकिन जब तक पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी थी। इस मामले को लेकर धर्मेंद्र कुमार तोमर विवेचना कर रहे थे। यह भी पढ़ें- अमरोहा: खाकी वर्दी पहन रौब दिखाकर ठगी करने वाला नकली दरोगा गिरफ्तार, भेजा जेल एंटी करप्शन टीम प्रभारी विजय कुमार ने बताया कि सत्य प्रकाश निवासी डदूमरा थाना जुनावई ने मंगलवार को दरोगा धर्मेंद्र तोमर के खिलाफ रिश्वत मांगने को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें लखनऊ मुख्यालय से टीम गठित की गई थी जिसमें जिला मनीष बंसल के आदेश अनुसार दो स्वतंत्र साक्षी के तौर पर गवाह अनीस अहमद व विपेंद्र कुमार साथ लिए। जिसके चलते जुनावाई में एक डॉक्टर के दुकान के सामने 5000 रिश्वत लेते सब इंस्पेक्टर धर्मेन्द्र कुमार तोमर को रंगे हाथ पकड़ा। यह भी पढ़ें- MEERUT: पांच हजार रूपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया नगर निगम का रेवेन्यू इंस्पेक्टर उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर को उदूमरा निवासी सत्य प्रकाश आदि पर धारा 452 सहित मुकदमा दर्ज किया गया था। जिस केस के दरोगा धर्मेंद्र तोमर विवेचना कर रहे थे और उन्होंने धारा 452 हटाने को लेकर 5000 की रिश्वत मांगी थी। और व रंगे हाथ पकड़े गए सब इस्पेक्टर धर्मेन्द्र कुमार तोमर जिसके खिलाफ गुन्नौर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। और जेल भेजा जाएगा। दरोगा धर्मेंद्र तोमर जुनावई थाने में तैनात थे जिनका थाना बनियाठेर में ट्रासफर किया गया था और 10 जनवरी को उन्होंने वहां जॉइनिंग भी कर ली। वह बुधवार को जुनावई में जिस मकान में रह रहे थे। वहां से सामान लेकर बनिया ढेर जाने की फिराक में थे। तभी बीच में जुनावई गाव के एक डॉक्टर की दुकान पर एंटी करप्शन की टीम के हाथ 5000 रिश्वत लेते हुए धर दबोच लिए गए।