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New Delhi: स्वतंत्रता दिवस से पहले पाकिस्तानी साजिश नाकाम‚ हथगोले और टिफिन बम बरामद

पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता के मुताबिक, बम अमृतसर के एक ग्रामीण इलाके में मिले हैं। हथगोले, टिफिन बम और कुछ कारतूस जब्त किए गए। इस टिफिन बम को बच्चों के डिब्बे में आईईडी डालकर बनाया गया था।

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चंडीगढ़: स्वतंत्रता दिवस से ठीक 5 दिन पहले पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश का भांड़ाफोड किया गया है। पंजाब के अमृतसर में हथगोले और टिफिन बम मिले हैं। पंजाब पुलिस ने साजिश का पर्दाफाश किया है। माना जा रहा है कि यह बम पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारत भेजा गया था। हालांकि पाक साजिश की आशंका को देखते हुए स्वतंत्रता दिवस से पहले सभी व्यवस्थाएं अलर्ट पर हैं।

पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता के मुताबिक, बम अमृतसर के एक ग्रामीण इलाके में मिले हैं। हथगोले, टिफिन बम और कुछ कारतूस जब्त किए गए। इस टिफिन बम को बच्चों के डिब्बे में आईईडी डालकर बनाया गया था। ये सभी विस्फोटक पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजे गए हैं। इसमें 5 हैंड ग्रेनेड, 1009 एमएम कारतूस और एक टिफिन बॉक्स शामिल है। विस्फोटकों को एक बैग में भारत भेज दिया गया था। विस्फोटकों को पाकिस्तानी सीमा के पास एक गांव से जब्त किया गया था।

2 किलो आरडीएक्स का टाइम बम
पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता के मुताबिक आईईडी टिफिन बम में 2 किलो आरडीएक्स रखा गया था। इस बार बम उस पर बटन लगाकर बनाया गया था। खास बात यह है कि इस बम को चुंबक का इस्तेमाल करके बनाया गया था ताकि संभालने में जरा सी भी चूक होने पर भी बम फट जाए। इसके अलावा मोबाइल फोन के जरिए बम विस्फोट करना भी संभव था। शनिवार को पंजाब पुलिस को ड्रोन की संदिग्ध हरकत दिखाई दी थी। रविवार को इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया। इसके बाद से विस्फोटक को जब्त कर लिया गया है।

भीड़-भाड़ वाली जगहों पर विस्फोट की योजना
दिनकर गुप्ता ने कहा कि विस्फोटक, जो पाकिस्तान से भेजे गए थे, का इस्तेमाल पंजाब में भीड़-भाड़ वाली जगहों पर विस्फोट करने के लिए किया जाना था। पुलिस को यह भी संदेह था कि पंजाब के मुख्यमंत्री को विस्फोटकों से निशाना बनाया जा सकता है। अगर 2 किलो आरडीएक्स फट जाता तो बड़ा नुकसान होता। लेकिन पंजाब पुलिस की सतर्कता से यह हादसा टल गया।

खालिस्तानी संगठनों पर संदेह
पुलिस को संदेह है कि पंजाब में विस्फोटक भेजने में खालिस्तानी समूह शामिल थे। पुलिस का अनुमान है कि इस अधिनियम के पीछे खालिस्तानी संगठन, सिख फॉर जस्टिस या अन्य संगठन हो सकते हैं। पुलिस की गहन जांच की जा रही है।

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