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पंजाब में अकाली दल और BSP मिलकर लड़ेंगे विधानसभा चुनाव‚ दोनों दलों के बीच हुआ गठबंधन

शनिवार को बहुजन समाज पार्टी [ BSP ] के महासचिव सतीश मिश्रा [ Satish Mishra ] और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल [ Sukhbir Singh Badal ] की उपस्थिति में गठबंधन की घोषणा की गई।

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फोटो- सोशल मीडिया

Panjab news: पंजाब में 25 साल बाद एक बार फिर शिरोमणि अकाली दल [ Shiromani Akali Dal ] और बहुजन समाज पार्टी [ Bahujan samaj party ] एक साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। पिछले काफी वक्त से चल रही बातचीत को आज दोनों दलों ने अमलीजामा पहना दिया और अपने गठबंधन की अधिकारिक घोषणा कर दी है। दोनों दलों के बीच सीटों का बंटवारा भी तय हो चुका है। बताया जा रहा है कि बहुजन समाजवादी पार्टी 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। [Alliance between Akali Dal and BSP hindi news]

शनिवार को बहुजन समाज पार्टी [ BSP ] के महासचिव सतीश मिश्रा [ Satish Mishra ] और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल [ Sukhbir Singh Badal ] की उपस्थिति में गठबंधन की घोषणा की गई। इस दौरान दोनों तरफ से कई बड़े नेता और भारी संख्या में कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

गठबंधन के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती को सुखबीर सिंह बादल ने धन्यवाद दिया है। सुखबीर सिंह बादल ने कहा है कि शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी की सोच एक है। दोनों ही पार्टियां गरीब किसान और मजदूरों के हक के लिए लड़ती हुई आई हैं।

आपको बता दें कि इससे पहले साल 1997 में शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी ने मिलकर चुनाव लड़ा था। उस समय बहुजन समाज पार्टी ने 3 सीटों पर विजय प्राप्त की थी। इस बार मायावती 23 सीटों की डिमांड कर रही थी। जबकि शिरोमणि अकाली दल 15 सीटें देने के पक्ष में था।

अब दोनों पक्षों के बीच 20 विधानसभा सीटों पर समझौता हो चुका है। शिरोमणि अकाली दल ने पूर्व में घोषणा भी की थी कि अगर पंजाब में इस बार उनकी सरकार बनती है तो राज्य का डिप्टी दलित समुदाय से होगा। इसके जवाब में भारतीय जनता पार्टी ने भी विधानसभा चुनाव में जीत के बाद दलित चेहरे को मुख्यमंत्री बनाने के संकेत दिए हैं।

चारों ओर से घिरे मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह

शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन से पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक तरफ पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी से खफा चल रहे हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। यह भी पढ़ें- पश्चिमी बंगाल में BJP को बड़ा झटका‚ वरिष्ठ नेता मुकुल राय बेटे सहित TMC में हुए शामिल

ऐसे में बीएसपी और शिरोमणि अकाली दल का गठबंधन कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है। इसकी वजह यह है कि पंजाब में करीब 32 फीसदी आबादी दलितों की है। पिछले वोटों का इतिहास देखा जाए तो दलित वोट कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के बटता रहा है। लेकिन इस बार BSP की एंट्री से कांग्रेस को भारी नुकसान होगा। यह भी पढ़ें- 12 जून 1975, आज से ही पड़ी थी इमरजेंसी की नीवं, जब कोर्ट में दोषी गहराई गई थी इंदिरा गांधी

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