फोटो साभार सोशल मीडिया

नई दिल्ली: देशभर के जूनियर डॉक्टर(Junior doctors) आज (सोमवार) हड़ताल पर हैं. डॉक्टरों ने देश भर में आपातकालीन सेवाओं(emergency services) को निलंबित करने की घोषणा की है। साथ ही ओपीडी सेवाएं(OPD services) भी बंद रहेंगी। डॉक्टरों की यह हड़ताल नीट-पीजी 2021 काउंसलिंग(NEET-PG 2021 counseling) में देरी के चलते हो रही है। रेजिडेंट डॉक्टरों(resident doctors) के संगठन फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) ने हड़ताल की घोषणा की है।

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हड़ताली डॉक्टरों का कहना है कि अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी है और आने वाले समय में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच अस्पतालों पर दबाव पड़ सकता है. इसलिए जल्द से जल्द प्रवेश दिया जाए।

क्या है डॉक्टरों की मांग?
डॉक्टरों की मांग है कि नीट-पीजी 2021 की काउंसलिंग में देरी न हो। जल्द से जल्द प्रवेश लें। देश में जूनियर रेजिडेंट्स की कमी है। हमें कोरोना की तीसरी लहर के डर को देखते हुए तैयार रहना चाहिए।

डॉक्टरों ने किया आपातकालीन सेवाओं का बहिष्कार
आपको बता दें कि डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं और उन्होंने आपातकालीन सेवाओं का बहिष्कार किया है. ओपीडी सेवाएं भी बंद हैं। डॉक्टरों का कहना है कि हड़ताल 24 घंटे जारी रहेगी.

डॉक्टर नाराज क्यों हैं?
दरअसल, नीट-पीजी की काउंसलिंग में हो रही देरी से डॉक्टर नाराज हैं। रेजिडेंट डॉक्टरों ने आपातकालीन सेवाएं बंद करने की घोषणा की है। डॉक्टर्स एसोसिएशन FORDA ने यह फैसला लिया है। स्वास्थ्य संस्थानों में रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को भी पत्र लिखा गया है। अधिकांश बड़े अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं बंद रहेंगी। हड़ताल का असर दिल्ली के आरएमएल, सफदरजंग और लेडी हार्डिंग अस्पताल में दिख रहा है. मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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Bharti Sharma

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