मेरठ। प्रदूषण नियंत्रण को लेकर लागू ग्रेप-3 खत्म होने के बाद मेरठ विकास प्राधिकरण ने एक बार फिर अवैध कॉलोनियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मेडा वीसी अभिषेक पांडेय का कहना है कि 31 दिसंबर तक 100 अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त करने का लक्ष्य तय किया है। इससे पहले 150 अवैध  कॉलोनियों को ध्वस्त किया जा चुका है। अब अवैध कालोनियों और निर्माण को लेकर युद्धस्तर पर कार्रवाई होगी। पुलिस, प्रशासन को इस संबंध में पूर्व में ही सूचना दी जा चुकी है।

मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने शहर के चारों ओर लगातार उग रही 366 अवैध कॉलोनियों की सूची अपनी वेबसाइट पर अपलोड की हुई है। पिछले छह महीने से चल रहे अभियान में करीब 150 अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त किया जा चुका है। ग्रेप-3 लगने के बाद इन कॉलोनियों के ध्वस्तीकरण पर रोक लग गई थी।

अब ग्रेप-3 हटने के बाद मेडा वीसी ने एकबार फिर से प्रवर्तन दल की बैठक कर अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए 31 दिसंबर तक 100 अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त करने का लक्ष्य दिया है। इसके तहत प्रवर्तन दल पिछले तीन दिन में सात से ज्यादा कॉलोनियों को ध्वस्त कर चुका है। मेडा वीसी अभिषेक पांडेय ने कहा कि अवैध कॉलोनियां शहर के सुनियोजित विकास में बाधक है। इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मेडा सचिव चंद्रपाल तिवारी ने कहा है कि यदि विकासकर्ता द्वारा सम्बन्धित कालोनियों के आन्तरिक विकास कार्य पूर्ण न कराये गये हों, तो mdameerut@rediffmail. com पर जानकारी दी जाए। यदि प्राप्त सूचनाएं सत्य पायी जाती है, तो कालोनाइजर पर कार्रवाई होगी।

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