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क्राइम

UP/Meerut: 70 वर्षीय बुजुर्ग ने लगाई बेटे को जायदाद से बेदखल करने की गुहार

नीरज गोला

शब्बीर

मेरठ-“कहते हैं की औलाद मां – बाप के बुढ़ापे का सहारा होती है “लेकिन इस कलयुग में बेटा सहारा तो दूर की बात मां – बाप को दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर कर रहे हैं । ऐसा ही एक मामला जनपद मेरठ के कस्बा सिवालखास का है जहां 70 वर्षीय बुजुर्ग ने अपने सगे बेटे को जायदाद से बेदखल करने के लिए सक्षम अधिकारी से गुहार लगाई है। जिससे कि बुजुर्ग को उसका कब्जा किया हुआ घर वापस मिल सके।


आपको बता दें कि शब्बीर पुत्र मुस्ताक म.न. 235, वार्ड नं. 12 ,नया -5,सिवालखास जानी थाना का निवासी है जिसने सरकारी शपथ पत्र के द्वारा लिखित रूप में अपने छोटे पुत्र जमील को जायदाद से बेदखल करने की गुहार संक्षम अधिकारी से लगाई है। उन्होंने बताया कि उनके छोटे पुत्र जमील की शादी रिहाना पुत्र युसूफ निवासी मसूरी जिला गाजियाबाद के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही जमील व उसके ससुराल वाले लगातार उसपर उसकी सारी संपत्ति रिहाना पत्नि जमील के नाम कराने का दबाव बनाते चले आ रहे थे।

जमील के साले फरमान, रिजवान, रहमान ,शहजाद, गुलफाम प्रार्थी को जान से मारने की धमकी देकर उसकी खेती की जमीन भी बिकवादी और जमीन के पैसे प्रार्थी से छीनकर ले गए तथा अब उसका मकान भी बिकवाना चाहते है। जोकि पिछले वर्ष प्रधानमंत्री आवासीय सरकारी योजना के तहत बना था। किंतु जब प्रार्थी ने मकान बेचने से मना कर दिया तो करीब 8 माह तक उसके साथ मारपीट कर घर से निकाल दिया तथा किराए पर रहने पर मजबूर कर दिया।

विडंबना है शब्बीर पर अपना घर होने के बावजूद भी दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही है। परन्तु अब परेशान होकर शब्बीर ने कानून की मदद लेने की सोची और शपथ पत्र के द्वारा अपने छोटे पुत्र जमील को अपनी जायदाद से बेदखलकर तथा मकान से बाहर निकालकर उसको कब्जा दिलाने की गुहार लगाई है जिससे कि वह वृद्धावस्था मे अपना जीवन यापन कर सके।

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