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क्राइम

Delhi: कभी जिगरी यार थे गोगी और टिल्लू, आखिर दोनो के बीच गैंगवार में क्यों हुई दर्जनों हत्याएं, जानिए

इन सभी हत्याओं से तिलमिलाए टिल्लू ने रोहिणी कोर्ट के बाहर गोगी के साथी मोनू नेपाली को सरेआम मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद टिल्लू गैंग ने तीस हजारी कोर्ट के भीतर गोगी के एक और साथी दिनेश कराला को गोलियों से भूनकर यह साबित करने की कोशिश की कि गोगी जिस तरह खुलेआम कत्ल करवा सकता है वह भी करवा सकता है। इसके बाद टिल्लू ने गैंग के सरगना जितेंद्र गोगी को निशाना बनाते हुए कोर्ट के अंदर ही ढेर कर दिया। इसमें टिल्लू के शूटर भी मारे गए हैं।

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Author: कपिल कुमार

जितेंद्र गोगी

नई दिल्ली: दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में सरेआम हुए गैंगवार से पूरी दिल्ली हिल गयी है। वकीलों ने आज शनिवार को कचहरी परिसर की सुरक्षा को लेकर हड़ताल की हुई है। इस गैंगवार में 3 बदमाशो की मौत हुई है। जितेंद्र गोगी अपने गैंग का लीडर था तो वहीं वकील के भेष में आये दोनो बदमाश (रोहित और जगदीप) टिल्लू ताजपुरिया गैंग के सदस्य थे। आपको बता दें कि आज एक-दूसरे की जान के दुश्मन गोगी और टिल्लू ताजपुरिया कभी जिगरी दोस्त हुआ करते थे।

छात्रसंघ चुनावों में दोनो दोस्त बन गए जानी दुश्मन

दरअसल, बाहरी दिल्ली के ताजपुर निवासी सुनील मान उर्फ टिल्लू ताजपुरिया और नजदीकी गांव अलीपुर निवासी जितेंद्र गोगी कुछ साल पहले गहरे दोस्त हुआ करते थे। दोनों ही दबंग थे और वसूली व गुंडागर्दी के धंधे में थे। साल 2013 में छात्रसंघ के चुनावों के दौरान जितेंद्र गोगी और उसके गैंग ने दो नौजवानों (संदीप और रविंदर) की गोली मारकर हत्या कर दी। ये दोनों टिल्लू के करीबी साथी थे।

कई बार हुई गैंगवार में मरे दर्जनों

जिसके बाद टिल्लू गैंग और गोगी गैंग के बीच रंजिश ओर वर्चस्व को लेकर दुश्मनी हुई और दोनों एक दूसरे के जानी दुश्मन बन गए। तभी से दोनो गैंगों को जब भी मौका हाथ लगता एक-दूसरे पर हमला कर देते थे। इन दोनों गिरोह के बीच कई बार गैंगवार हो चुकी है। इन गैंगवार में एक दर्जन से ज्यादा लोगों की जान भी जा चुकी है।

2014 में लड़की बनी दुश्मनी की वजह

दरअसल, 2014 में एक दबंग आदमी पवन के भाई दीपक की मुलाकात जितेंद्र गोगी की रिश्ते की एक बहन से हुई थी और दोनों के बीच गहरा रिश्ता बन गया। इस बात का गोगी को पता चला तो उसने दीपक को धमकियां दिलवाईं। लेकिन दीपक ने परवाह नहीं की और मुलाकातें जारी रखीं। दीपक खुद को गोगी का जीजा तक कह देता था।

यह बात गोगी को पता चली तो वह आगबबूला हो गया और उसने दीपक का काम तमाम करने की योजना बना डाली। गोगी ने अपने सबसे विश्वस्त साथी कुलदीप, टुंडा और जैली के साथ मिलकर दीपक को सरेआम गोली मार दी। दीपक के भाई पवन ने गोगी से बदला लेने के लिए टिल्लू से हाथ मिला लिया। यहां से शुरू हुआ दोनो गैंगों के बीच हत्याओं का दौर।

4 हत्याओं के बाद टिल्लू ने शुरू किया बदला लेना

21 जनवरी 2015 को जितेंद्र गोगी गैंग ने टिल्लू के एक और साथी राजू चोर की हत्या कर दी। जितेंद्र गोगी गैंगअब तक टिल्लू गैंग के चार सदस्यों की हत्या कर चुका था। राजू की हत्या के एक महीने बाद यानी 23 फरवरी को टिल्लू गैंग ने जाल बिछाकर गोगी के करीबी साथी अरुण कमांडो की हत्या कर दी, हालांकि इसमें गोगी  का साथी मंजीत भी मारा गया। गोगी गैंग से जुड़े निरंजन मास्टर को टिल्लू ने जाल बिछाकर सोनीपत में मौत के घाट उतार दिया। 

2017 में दोनो तरफ से मरे कई बदमाश

जिसके बाद गोगी ने जवाब देते हुए टिल्लू के बेहद खास साथी विकास आलू के भाई सुमित को अलीपुर में ढेर कर दिया। फिर उसने टिल्लू से जुड़े देवेंद्र प्रधान को भी मार डाला। टिल्लू गैंग ने बदला लेते हुए बकौली के अंकित की जान ले ली जो गोगी गैंग में शामिल था। अक्तूबर 2017 में गोगी ने गैंग के साथी दिनेश कराला की मदद से गायिका हर्षिता दहिया को भी मरवाया। दिनेश रिश्ते में हर्षिता का जीजा भी था।

2018 में गैंगवार से दहली दिल्ली

गोगी को पता चला कि पवन और उसका भांजा मुकुल दोनों टिल्लू गैंग के करीबी बन गए है। इस चक्कर मे करीब 4 लोगों की हत्या हुई। 2018 में आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई पूरे शबाब पर आ गई थी। जनवरी में दिल्ली के प्रशांत विहार इलाके में भीड़ की मौजूदगी में गोगी ने टिल्लू गैंग पर हमला किया। और टिल्लू के खास साथी रवि भारद्वाज को सरेआम गोलियों से भून दिया गया। इस गैंगवार से दिल्ली और आसपास के इलाकों में दहशत फैल चुकी थी।

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