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क्राइम

आगरा: “जिगोलो” बनने का झांसा देकर बेरोजगारों को ठगने वाले 3 गिरफ्तार

जिगोलो एक ऐसा मार्केट है जहाँ पर औरते मर्दों की बोली लगाती है। सौदा फिक्स होने के बाद वह पुरूष उनके साथ जाता है। जिस भी संस्था के साथ ये लोग जुडे होते है। सौदा फिक्स होने के बाद 20% कमीशन इन्हे अपनी संस्था को देना पडता है।

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Manoj kumar

अक्सर आपने अखबारों और ऑनलाइन साइट्स पर चैटिंग और मस्ती भरे विज्ञापन देखे होंगे जिसमे लिखा होता हैं कि महिलाएं जिगोलो को बुलाती हैं, जिगोलो महिलाओं के साथ मस्ती भी करते हैं और मोटी कमाई भी। बेरोजगार युवाओं को कुछ ऐसा ही प्रलोभन देकर जाल में फंसाने वाले हेलो गैंग के तीन सदस्यों को ताजगंज पुलिस ने जेल भेजा है।

जानिए क्या होते हैं “जिगोलो” Gigolo

सबसे पहले आपको जिगोलो का मतलब बताते हैं, इसका मतलब होता है वेश्यापुरूष (male Prostitute)। दरअसल बड़े-बड़े शहरों में लड़कियां और महिलाएं अपने जिस्मानी सुख के लिए लड़को को खरीदती हैं और उनके साथ पूरी रात मौज मस्ती करतीं हैं, जिसका वे भरपूर पैसा देतीं है। देश के कई बड़े शहरों में जिगोलो के मार्केट भी हैं जहाँ पर औरते मर्दों की बोली लगाती है।

ऐसे फंसाते हैं बेरोजगारों को

इंस्पेक्टर ताजगंज ओमहरि वाजपेयी ने बताया कि हेलो गैंग के सरगना देवकी नंदन निवासी पिनाहट, रजत गुप्ता निवासी बालाजीनगर, शिव वर्मा निवासी कमलानगर को गिरफ्तार किया है। गैंग के सदस्य सोशल मीडिया पर विज्ञापन दिया करते थे। संपर्क करने वाले युवकों को पंजीकरण के नाम पर फंसाया करते थे। एक युवक से 20 से 50 हजार रुपये ठग लेते थे।

पैसा वसूलने के लिए इस तरह का देते है झांसा

गैंग के सदस्य उसे बताते थे कि पहले ट्रेनिंग होगी। उन्हें जिगोलो क्लब के तौर तरीके सिखाए जाएंगे, यह भरोस का धंधा है, जहां भेजा जाएगा इसकी जानकारी किसी को नहीं होनी चाहिए। किसी भी क्लाइंट से पर्सनल कोई संबंध नहीं बनाएंगे। बुकिंग उनके द्वारा ही दी जाया करेगी। किसी के बुलावे पर खुद कभी नहीं जाएंगे। युवकों को यकीन हो जाता था। वे बताए खाते में रकम जमा कर दिया करते थे।

खर्चे पूरे करने के लिए बन गया ठग

पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास सात मोबाइल, दो लैपटॉप, एक कार, एक स्कूटी और एक डायरी बरामद की गई।  इस गैंग का सरगना देवकीनंदन स्नातक पास है। वह एसएससी की तैयारी के लिए आगरा आया था। खर्चे पूरे नहीं हो रहे थे इसलिए उसने ताजगंज क्षेत्र में किराए पर कमरा लेकर गिरोह बनाकर ठगी शुरू कर दी। जहां से वे अपना कॉल सेंटर चला रहे थे।

शिकायत के बाद साइबर सेल ने पकड़ा

बताया गया कि साइबर सेल को एक शिकायत मिली थी। जिसके बाद साइबर सेल ने आरोपियों का सुराग जुटाया और इस गिरोह का भंडाफोड़ किया। अनुमान लगाया जा रहा है  कि आरोपियों ने दो साल में 100 से अधिक युवकों को ठगा है।

ठगी के अपनाये हुए थे और भी तरीके

पुलिस ने बताया कि आरोपित सिर्फ जिगोलो बनाने के नाम पर ठगी नहीं करते थे। होटलों में रुकने वाले पर्यटकों को स्पा के नाम पर ठगते थे। पुलिस को आरोपियों के दो बैंक खातों की जानकारी मिली हैं। चंद महीनों में उनमें 12 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है। पुलिस ने बताया कि आरोपित आईपीएल में सट्टा भी लगा रहे थे।

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