बागपत। शादी में फिजुलखर्ची, बैंडबाजों, डीजे बजाये जाने और आतिशबाजी किये जाने पर उलेमाओं ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शादी में बैंडबाजा, डीजे बजने और आतिशबाजी होने पर निकाह नहीं पढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवार का बहिष्कार किया जाएगा।

कस्बे में मुस्लिम उलेमाओं की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें शादी विवाह कार्यक्रमों में हो रही फिजुलखर्ची रोकने पर चर्चा की गई। इस मौके पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जिस शादी में बैड़बाजा, आतिशबाजी और नाच गाना किया जाएगा, वहां पर मौलाना निकाह नहीं पढ़ने जाएंगे। इस दौरान उलेमाओं की पहल की सराहना की गई।

इस मौके पर मस्जिद जन्नती के इमाम मौलाना शाहिद ने कहा कि बैठक में लिये गये निर्णय का पालन कराया जाएगा और समाज के हर व्यक्ति तक संदेश पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी शादियों में कोई भी व्यक्ति वलीमे की दावत में शामिल न हो। उन्होंने शादियों में समाज के लोगों से खाना बर्बाद न करने की भी अपील की।

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