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Auto Expo 2023: भारत में वॉल्वो-आयशर ने लॉन्च की सबसे लंबी इलेक्ट्रिक इंटरसिटी बस

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वॉल्वो ग्रुप (Volvo Group) और आयशर मोटर्स (Eicher Motors) के बीच एक संयुक्त उद्यम वीई कमर्शियल व्हीकल्स (VE Commercial Vehicles) (वीईसीवी) ने ऑटो एक्सपो 2023 (Auto Expo 2023) में आयशर और वोल्वो ब्रांडों के लिए भविष्य के लिए तैयार मोबिलिटी सॉल्युशन की एक पूरी सीरीज प्रदर्शित की है।

बी. दिनकर, ईवीपी, वोल्वो ट्रक्स इंडिया और जोनास निल्सन, वीपी इंडिया एंड इंडोनेशिया, वॉल्वो ट्रक कॉर्पोरेशन – फोटो : वॉल्वो

कंपनी ने कहा कि टिकाऊ, कुशल और लागत प्रभावी लॉजिस्टिक्स के लिए सरकार के विजन के अनुरूप काम करते हुए वोल्वो और आयशर एप्लिकेशन-विशिष्ट वैकल्पिक ईंधन और स्मार्ट सपोर्ट समाधानों के माध्यम से भारतीय लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को तेजी से आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

आकाश पासी, अध्यक्ष, बस डिवीजन, वीईसीवी – फोटो : वॉल्वो

वीईसीवी के स्मार्ट सस्टेनेबिलिटी विजन के अनुरूप, कंपनी ने अपना विस्तारित ईवी और प्राकृतिक गैस पोर्टफोलियो पेश किया। भारत और विकासशील देशों में बस और ट्रक परिवहन के आधुनिकीकरण में VECV के नेतृत्व को बनाए रखते हुए वैकल्पिक ईंधन प्रोटोटाइप भी प्रदर्शित किए गए हैं।

ईवी बस इंटरसिटी कोच – फोटो : वोल्वो

आयशर ब्रांड ने बुधवार को भारत का सबसे लंबा 13.5 मीटर इलेक्ट्रिक इंटरसिटी कोच (इलेक्ट्रिक इंटरसिटी कोच) और आयशर प्रो 2049 इलेक्ट्रिक 4.9 टी जीवीडब्ल्यू ट्रक (आइशर प्रो 2049 इलेक्ट्रिक 4.9 टी जीवीडब्ल्यू ट्रक) लॉन्च किया। Eicher के सफल EV प्लेटफॉर्म पर निर्मित, Eicher Pro 2049 इलेक्ट्रिक 4.9T GVW ट्रक को विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों में लागत प्रभावी और स्वच्छ परिवहन के लिए विकसित किया गया है।

आयशर प्रो 8055 एलएनजी/सीएनजी ट्रक
Eicher Pro 8055 LNG/CNG ट्रक (Eicher Pro 8055 LNG/CNG ट्रक) को भी ऑटो एक्सपो में शोकेस किया गया है। जिसे विशेष रूप से लंबी दूरी के उपयोग के लिए स्वच्छ परिवहन की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। एलएनजी पर लंबी यात्रा पर, आयशर प्रो 8055 एक स्विच के स्पर्श में सीएनजी ईंधन पर स्विच करने में सक्षम है। जो तेजी से बढ़ रहे सीएनजी डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क का फायदा उठा सकता है।

वोल्वो एफएम एलएनजी 420 4X2 ट्रैक्टर
वोल्वो ट्रक्स ने वॉल्वो एफएम एलएनजी 420 4X2 ट्रैक्टर भी प्रदर्शित किया, जो लंबी दूरी के हब-टू-हब संचालन में अग्रणी ई-कॉमर्स ऑपरेटरों के साथ व्यापक परीक्षणों से गुजर रहा है। वोल्वो एलएनजी समाधान अद्वितीय डीजल-चक्र प्रौद्योगिकी पर आधारित है जो पेट्रोल या ऑटो-चक्र प्रौद्योगिकी की तुलना में ईंधन की बचत को 15-20 प्रतिशत तक बढ़ा देता है।

वोल्वो 9600 लक्ज़री कोच
वॉल्वो ने अत्याधुनिक 15 मीटर वॉल्वो 9600 लग्जरी कोच पेश किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय वोल्वो 9600 प्लेटफॉर्म पर निर्मित, कोच एक विशेष यात्रा अनुभव के लिए प्रथम श्रेणी की लक्ज़री सीटिंग प्रदान करता है।

ऑटो एक्सपो 2023 में वीईसीवी ने आयशर हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रक और हाइड्रोजन आईसीई टेक्नोलॉजी इंजन के प्रोटोटाइप भी प्रदर्शित किए। ये अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियां भारत सरकार के हरित हाइड्रोजन मिशन के अनुरूप हैं और शून्य टेल-पाइप उत्सर्जन के लिए एक आशाजनक दृष्टिकोण प्रदान करती हैं।

सभी आयशर और वोल्वो ट्रकों और बसों के साथ एक व्यापक समर्थन समाधान पेश किया जाता है। उद्योग-प्रथम 100 प्रतिशत कनेक्टेड फ्लीट और अत्याधुनिक अपटाइम केंद्रों द्वारा सक्षम, ये ऐप-आधारित स्मार्ट सपोर्ट समाधान ट्रकों, बसों, ड्राइवरों और बेड़े का प्रबंधन करते हैं ताकि उनके सामूहिक कार्बन फुटप्रिंट को कम करते हुए उच्च उत्पादकता और दक्षता सुनिश्चित की जा सके। करना ,

इस अवसर पर बोलते हुए वीईसीवी के एमडी और सीईओ विनोद अग्रवाल ने कहा, “एक सफल वोल्वो ग्रुप और आयशर मोटर्स जेवी के रूप में, वीईसीवी ने भारत में उन्नत बीएस VI तकनीक विकसित और पेश की है। आयशर और वोल्वो ट्रक और बसें हमारे 100 प्रतिशत कनेक्टेड ईकोसिस्टम के माध्यम से निर्मित होती हैं जो हमें अपने ग्राहकों के लिए उत्पादकता और अपटाइम के अपने वादे को पूरा करने में मदद करती हैं। सीवी उद्योग का विद्युतीकरण पहले ही बसों के साथ शुरू हो चुका है, और हमारा मानना ​​है कि सीवी उद्योग के डीकार्बोनाइजेशन का नेतृत्व करने के लिए एलएनजी, इथेनॉल और हाइड्रोजन सहित कई वैकल्पिक ईंधन की जरूरत है। स्मार्ट सस्टेनेबिलिटी के बैनर तले, VECVis इस अवसर का लाभ उठाने और भारतीय सीवी उद्योग में परिवर्तनकारी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।”

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Politics

झंडे बनाने के बाद अब गेहूं काटते हुए नजर आए योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर

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गेहूं की कटाई करते हुए ओमप्रकाश राजभर

चुनाव आते ही वोटरों को लुभाने के लिए नेता ऐसे-ऐसे काम करने लग जाते हैं जो आपने सपने में भी नही सोचा होगा। इस क्रम में नेता वे सारे काम करते दिख रहे हैं जो शायद ही कभी किए हों। अब एक वीडियो सामने आया है जिसमें सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर खेत में कटाई करते दिख रहे हैं। इस वीडियो में अपने कार्यकर्ताओं और मीडिया के कैमरे के फोकस के हिसाब से राजभर गेहूं काट रहे हैं। साथ ही ओम प्रकाश ये भी कहते दिख रहे हैं कि ये सब करके छोड़ दिया है।

फुर्ती से गेहूं काटते दिख रहे राजभर

जानकारी मिली है कि उत्तर प्रदेश के घोसी लोकसभा क्षेत्र में ग्राम सभा मुहम्मदपुर के बरहिया ब्लॉक रतनपुरा जनपद मऊ में प्रचार के दौरान ओम प्रकाश राजभर अचानक अपना काफिला रोककर एक खेत खलिहान में पहुंच गए। इसके बाद  कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर हंसिया लेकर गेहूं काटने लगे। हालांकि गौरकरने वाली बात ये है कि राजभर इस वीडियो में अच्छी-खासी फुर्ती से गेहूं काटते दिख रहे हैं और साथ ही ये भी कह रहे हैं कि ये सब काम करके छोड़ दिया है।

आपको बता दें कि कुछ समय पहले ओमप्रकाश राजभर का एक और वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वो अपनी पार्टी झंडे खुद बनाते हुए नजर आ रहे थे। उनके उस वीडियो पर भी लोगों ने खूब कमेंट किये थे।

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देश

असम में 88 साल पुराने मुस्लिम विवाह अधिनियम को सरकार ने किया रद्द

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असम।  भाजपा के नेतृत्व वाली असम सरकार की हेमंत बिस्वा सरमा मुस्लिम विवाह अधिनियम और तलाक पंजीकरण अधिनियम, 1935 को रद्द कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस कानून के दायरे में मुस्लिमों की लगभग एक तिहाई आबादी (35%) थी। बीते शुक्रवार को कैबिनेट मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की कि उन्होंने 88 साल पुराने असम मुस्लिम विवाह और तलाक पंजीकरण अधिनियम, 1935 को रद्द कर दिया है।

हेमंत बिस्वा सरमा

हिमंत बिस्वा सरमा ने बैठक के बाद सोशल मीडिया साइट एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि असम कैबिनेट ने सदियों पुराने असम मुस्लिम विवाह और तलाक पंजीकरण अधिनियम को निरस्त करने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इस अधिनियम में विवाह पंजीकरण की अनुमति देने वाले प्रावधान शामिल थे, भले ही दूल्हा और दुल्हन 18 और 21 वर्ष की कानूनी उम्र तक नहीं पहुंचे हों, जैसा कि कानून द्वारा आवश्यक है। यह कदम असम में बाल विवाह पर रोक लगाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

असम के कैबिनेट मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने एक प्रेस वार्ता में असम मुस्लिम विवाह और तलाक अधिनियम 1935 को निरस्त करने और यूसीसी को मंजूरी देने के बारे में बात की। बरुआ ने इसे “बहुत महत्वपूर्ण निर्णय” बताया और कहा, “माननीय मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि हम समान नागरिक संहिता की ओर जा रहे हैं, इसलिए आज एक बहुत महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है, वह है असम मुस्लिम विवाह और तलाक पंजीकरण अधिनियम , 1935, निरस्त कर दिया जाएगा और कोई भी मुस्लिम विवाह या तलाक अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं किया जाएगा।

उन्होंने आगे इस अधिनियम की आलोचना करते हुए दावा किया कि यह बाल विवाह को अनुमति देता है, और तर्क दिया कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार का लंबे समय से बाल विवाह को खत्म करने का लक्ष्य था, उन्होंने कहा, “यह पुरुषों के लिए 21 वर्ष और महिला के लिए 18 वर्ष की स्वीकार्य आयु से पहले विवाह को पंजीकृत करने की गुंजाइश प्रदान करता है।”

 

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उत्तरप्रदेश

केजरीवाल के बाद अब अखिलेश को घेरने में जुटी BJP‚ दस साल पुराने में मामले CBI ने भेजा समन

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लखनऊ: लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी एक-एक करके सभी विपक्षी दलों पर कानूनी शिकंजा कसती जा रही है‚ ताकि चुनाव में कोई उसे टक्कर न दे सके। कांग्रेस‚ टीएमसी‚ झामुमो और आम आदमी पार्टी के बाद अब निशाने पर यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आ गए हैं। बताया जा रहा है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को उन्हे अवैध खनन मामले में समन भेजा है। CBI ने अखिलेश को 29 फरवरी यानी गुरुवार को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया है।

अखिलेश

जानकारी के मुताबिक, अखिलेश इस मामले में बतौर गवाह पेश होंगे। हालांकि, सपा प्रवक्ता फखरुल हसन ने कहा कि मीडिया से जानकारी मिली है कि CBI ने अखिलेश यादव को नोटिस जारी किया है। हालांकि अभी तक ऑफिशियल रूप से नोटिस नहीं मिली है। बता दें कि साल 2012-13 में सीएम रहते खनन विभाग अखिलेश यादव के पास था, उस समय अवैध खनन को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए थे।

क्या है पूरा मामला

दरअसल सपा सरकार के कार्यकाल के दौरान हमीरपुर में 2012 से 2016 के बीच अवैध खनन का मामला सामने आया था। योगी सरकार बनने पर इस मामले में सीबीआई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लांड्रिंग एक्ट समेत कई अन्य मामलों में एफआईआर दर्ज की गई थी। इनमें तत्कालीन जिलाधिकारी बी. चंद्रकला समेत सभी 11 लोगों को नामजद किया गया था। सीबीआई ने आईएएस अफसर बी. चंद्रकला के घर भी छापा मारा था। इस मामले में आईएएस बी. चंद्रकला और सपा एमएलसी रहे रमेश चंद्र मिश्रा समेत 11 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

IAS बी चंद्रकला पर भी लगे थे आरोप

साल 2016 में हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले की जांच शुरू हुई तो उसमें पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति का नाम सामने आया। इतना ही नहीं अखिलेश यादव सरकार में कई जिलों की डीएम रहीं बी. चंद्रकला पर भी आरोप लगे और उनके यहां भी छापेमारी हुई। वहीं पिछले काफी समय से अखिलेश यादव सीबीआई और ईडी को लेकर बीजेपी सरकार पर हमलावर रहे हैं। वे लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि चुनाव के वक्त सरकार सीबीआई और ईडी को राजनेताओं पीछे लगा देती है। ऐसे में अब सीबीआई के समन पर भी यूपी की सियासत गरमाने वाली है। माना जा रहा है कि सीबीआई अखिलेश यादव को गिरफ्तार भी कर सकती है।

 

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