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Accident/ हादसा

उत्तराखण्ड: चमोली में बादल फटने से 15 टेंट मलबे में दबे, सभी मजदूरों को सकुशल निकाला

स्थानीय जानकारों का कहना है कि नारायणबगड़ क्षेत्र भूगर्भीय दृष्टि से संवेदनशील है।

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Author: अमित शर्मा

तबाही का दृश्य

उत्तराखंड: चमोली जिले के नारायणबगड़ में सोमवार तड़के बादल फटने से सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के मजदूरों के करीब 15 टेंट मलबे में दब गए। हालांकि इस मलबे से कोई जानमाल के नुकसान नही हुआ है। मलबे से कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे भी बंद हो गया है। मार्ग को खोलने का काम शुरू कर दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह नारायणबगड़ के पंती कस्बे के ऊपरी भाग में करीब 6 बजे बादल फटने से मंगरीगाड़ में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। सैलाब में कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे के किनारे बीआरओ के मजदूरों के करीब 10 से 15 टेंट मलबे में दब गए। जब मलबा आया मजदूर अपने टेंट के अंदर थे। लेकिन जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ।

मजदूरों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी बच्चों और महिलाओं को सैलाब से बचा लिया। ये सभी मजदूर नेपाल और झारखंड के रहने वाले हैं। मलबे से कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे बंद हो गया है, जिसे खोलने के प्रयास जारी हैं।बादल फटने की घटना से पूरे क्षेत्र के लोग खौफजदा हैं।

प्रत्यक्षदर्शी लोगों ने बताया कई दोपहिया वाहन व कार भी मलबे में दबे हुए हैं। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर बचाव व राहत के कार्य शुरू कर दिया हैं। स्थानीय लोगों ने मजदूरों और उनके बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। जिले के आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी के मुताबिक घटना में जानमाल का अभी कोई नुकसान सामने नहीं आया है।

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